22nd January : अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन मुख्य यजमान पीएम मोदी रखेंगे व्रत, 16 जनवरी से शुरू हो रहा अनुष्ठान

 

नेशनल डेस्क, न्यूज राइटर, 08 जनवरी, 2024

श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार है। 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। इस कार्यक्रम के मुख्य यजमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन व्रत रखेंगे। बात दें कि मुख्य यजमान के लिए व्रत रखना जरूरी है। पीएम मोदी ने राम मंदिर के भूमि पूजन के दौरान भी व्रत रखा था। बता दें, पीएम नवरात्रि में भी व्रत रखते हैं।

 

शुभ मुहूर्त 1 मिनट 24 सेकेंड का

प्राण प्रतिष्ठा के दौरान गर्भगृह में 5 लोग मौजूद रहेंगे। इनमें पीएम मोदी, सीएम योगी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत और अनुष्ठान के मुख्य आचार्य होंगे। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त 1 मिनट 24 सेकेंड का है। यह 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकेंड से लेकर 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकेंड तक चलेगा।

ये भी पढ़ें :  सावन के तीसरे सोमवार पर अवसानेश्वर मंदिर में बड़ा हादसा: 2 की मौत, 38 घायल

सरयू नदी में स्नान भी कर सकते हैं पीएम मोदी

इससे पहले 16 जनवरी को पीएम मोदी का संकल्पित अक्षित अयोध्या पहुंचाया जाएगा। अक्षत आने के बाद 7 दिवसीय अनुष्ठान शुरू होगा। हनुमत निवास के महंत मिथिलेश नंदनी शरण ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले यजमान के लिए पवित्र नदी में स्नान करना जरूरी होता है। ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी अयोध्या की पवित्र सरयू नदी में स्नान भी कर सकते हैं।

 

मंदिर परिसर में 13 और मंदिर बनाए जाएंगे

अयोध्या में 70 एकड़ में बन रहे श्रीराम मंदिर परिसर में 13 अन्य मंदिर बनाए जाएंगे। इनमें भगवान शिव, भगवान सूर्य, माता भगवती,भगवान गणेश, हनुमान जी के अलावा अन्नपूर्णा देवी के मंदिर होंगे। इन मंदिरों का निर्माण परकोटे का काम पूरा होने के बाद शुरू होगा।

ये भी पढ़ें :  BJP 44th Foundation Day : 'ऐसा कोई भी काम नहीं जो पवन पुत्र नहीं कर सकते', पार्टी के 44वें स्थापना दिवस पर बोले पीएम मोदी

परकोटे के बाहर 7 अन्य मंदिर बनने हैं। इसमें ऋषि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, शबरी, निषाद राज और अहिल्या का मंदिर होगा। इन मंदिरों का निर्माण 2024 तक पूरा हो जाएगा।

42 दरवाजों पर चढ़ाई जाएगी सोने की परत

राम मंदिर के 46 में 42 दरवाजों पर 100Kg सोने की परत चढ़ाई जाएगी। सीढ़ियों के पास 4 दरवाजे लगेंगे। इन पर सोने परत नहीं चढ़ाई जाएगी। गर्भगृह का मुख्य दरवाजा करीब 8 फीट ऊंचा और 12 फीट चौड़ा है। यह सबसे बड़ा दरवाजा है। इन दरवाजों को महाराष्ट्र की सागौन की लकड़ी से बनाया गया है। इस पर हैदराबाद के कारीगरों ने नक्काशी का काम किया है। रामलला का सिंहासन भी सोने का बनाया जाना है। यह काम भी 15 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। मंदिर का शिखर भी सोने का होगा। लेकिन इस काम को बाद में किया जाएगा।

ये भी पढ़ें :  नए संसद भवन पर घटिया राजनीति कर रही कांग्रेस, उसे देश की उपलब्धियों को नीचा दिखाने की आदत पड़ गई है : भारतीय जनता पार्टी

161 फीट ऊंचा होगा शिखर

ट्रस्ट के महासचिव राय ने बताया, अयोध्या में राम जन्मभूमि का 70 एकड़ परिक्षेत्र है। इसके 30 फीसदी क्षेत्र में राम मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर 360 फीट लंबा और 235 फीट चौड़ा होगा। इसका शिखर 161 फीट ऊंचा होगा। गर्भगृह में पहुंचने के लिए भक्तों को 32 सीढ़ियां चढ़नी पड़ेंगी।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment